NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण एक ऐसी पहल है की जिससे भारत की लडकियों को सशक्त बनाया जाये। इसमे किशोरियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से आकांक्षाओं को पोषित किया जाता है। NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण पहल को 24 जून 2025 को शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को, मतलब 18 – 20 साल तक की लडकियों को, विशेष रूप से जो लड़किया पिछड़े और आदिवासी जगह से आती है, उन्हें इन क्षेत्रों से उभरते हुए क्षेत्रों में, मतलब ऐसी जगह जो की विकास कर रही है ऐसी जगहों में व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है।
NAVYA क्या है?
“NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण”, महिला और बाल विकास मंत्रालय (MWCD) और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) इन दोनों मंत्रालयों की तरफ से एक संयुक्त प्रयास है। NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण यह पहल उन लडकियों को या किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए है जिनकी उम्र कम से कम 16 साल की है, या फिर उन्होने 10 वि तक की पढ़ाई की हो। NAVYA: किशोरियों को व्यावासिक प्रशिक्षण इस पहल का मुख्य उद्देश्य पढाई और रोजगार के बिच में जो अंतर है उसे कम करना है। NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण इस पहल में ऐसे कौशल पढ़ाये जायेंगे जो रोजगार की क्षमता को बढ़ाये और इसी के साथ – साथ व्यवसायिता मतलब व्यवसाय को बढ़ावा दे।
NAVYA की प्रमुख विशेषताएँ ?
NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण की विशेषताए
1. 16-18 साल की लडकियों को ऐसा कौशल प्रदान करे या उन्हें सिखाये जो की उन्हें रोजगार पाने मे मदत करे।
2. लड़कायों को वित्तीय रूप से और समाज के रूप से आत्मनिर्भर बनाये।
3. इस समाज मै लडकियों को एक जैसे अधिकार जो की लडकों को मिलते है और एकसमान अवसर प्रदान करे|
कौन-कौन सी लड़किया इस केलिए पात्र है ?
ऐसी लड़किया जिनकी उम्र 16 – 18 साल के बिच मै है।
लड़की कम से कम 10 वी तक पढ़ी लिखी होनी चाहिए।
पिछड़े इलाके और आदिवासी जगह की लडकियों को प्राथमिकता दी जाएँगी।
किन किन क्षेत्रोंमे मिलेगा प्रशिक्षण ?
NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत निचे दिए गए क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा।
- डिजिटल मार्केटिंग
- साइबर सुरक्षा
- एआई-सक्षम सेवाएँ
- ड्रोन असेंबली
- ग्राफिक डिजाइन
- सीसीटीवी स्थापना
- सौर फोटोवोल्टिक स्थापना
ये सभी दिए गए क्षेत्रों मे प्रशिक्षण मिलेगा। और ये सभी क्षेत्र अभी के उद्योग की मांगो के कारन और भविष्य के रोजगार अवसरों के अनुरूप चुने गए है।
अमल और विस्तार कैसे होता है
NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण इस पहल की शुरुवात उत्तर प्रदेश के सोनभद्र गांव से हुई थी। जब ये पहल शुरू की गई थी तब इसका मुख्य उद्देश्य 3,850 किशोरियों (16-18 साल की लड़किया ) को 27 जिलों में 19 राज्यों में कवर करना है, जिनमें आकांक्षात्मक और उत्तर-पूर्वी जिले शामिल है।
NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण, यह पहल बाकि योजना जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), और PM विश्वकर्मा योजना, जैसे पहले से ही मौजूदा योजनाओं का लाभ उठाती है | ताकि प्रशिक्षण को व्यवस्थित तरीके से दिया जा सके और प्रतिभागियों को औपचारिक प्रमाणपत्र मिल सके।
इस पहल से वास्तविक दुनिया में क्या प्रभाव हुए है ?
NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण इस पहल का उद्देश्य लडकियों को हर रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे:
- रोजगार क्षमता बढ़ाये : ऐसे कौशल सिखाए जाये जो अभी के उद्योगों मे इस्तेमाल होते हो, या फिर जो नौकरी बाजार मै मांग रहे हो।
- व्यवसायिता को बढ़ावा दे : लडकियों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करे जिससे और रोजगार बढ़ सकता है।
- आत्मविश्वास बढ़ाये : लड़कियों मे आत्मविश्वास बढ़ाये उनके फैसले लेने की क्षमताओं का विकास करे।
- लिंग भेदभाव को कम करे : हम जितना काबिल लडकों को समझते है उतनाही काबिल लड़कियां भी है।
उदाहरण के तौर पर NAVYA मै प्रशिक्षण लेने वाली एक लड़की का दिन
नाम : प्रिया
उम्र : 17 साल
जगह : सोनभद्र, उत्तर प्रदेश
प्रशिक्षण : ड्रोन असेंबली
सुबह : प्रिया 3 घंटे ड्रोन असेंबली पर प्रैक्टिकल सेशन करती है। जिसमे वह विविध प्रकार के कॉम्पोनेन्ट को सीखती है और उनके कार्य भी सीखती है।
दोपहर : वही दोपहर को वो व्यवसायिता पर वर्कशॉप करती है। जिसमे उसे ये सिखाया जाता है की छोटे बिज़नेस ऐसे खोले और उन्हें संभाले कैसे।
शाम : प्रिया शाम को दिन भर जो सिखाया गया है उसको फिरसे याद करती है और अपने आने वाले परीक्षा की तैयारी करती है
NAVYA के तहत प्रिया को वास्तविक ज्ञान मिला है जो की वह करियर को ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर मै इस्तेमाल कर सकती है।
NAVYA के लाभ पाने के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन आमतौर पर स्थानीय कौशल विकास केंद्रों या सरकारी पोर्टलों के माध्यम से किए जाते हैं।
निष्कर्ष
NAVYA: किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण ये पहल लडकियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो की सरकार ने उठाया है। यह न केवल उन्हें पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों से उभरते हुए क्षेत्रों में रोजगार के लिए तैयार करती है, बल्कि उनमे आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और व्यवसायिता की भावना को भी बढ़ावा देती है। जैसे-जैसे यह कार्यक्रम फैलता है, यह कई लड़कियों के जीवन को बदलने और भारत को अधिक समावेशी और आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता रखता है।
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