ड्रोन पायलट धोनी । पूर्व भारतीय कॅप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने एक नया मुकाम हासिल किया । धोनी अब बने प्रमाणित ( Certified) ड्रोन पायलट बने है। अलग अलग जगह अपना दबदबा बनाना और अपना जलवा दिखाना धोनी का स्टाइल रहता है ।
धोनी ने अपनी ट्रैनिंग Garuda Aerospace जो चेन्नई मे है, वहा से पूर्ण की । गरूडा एरो स्पेस के धोनी ब्रांड एम्बेसडर (Brand ambassador) है और उन्होंने इस कंपनी मे निवेश भी किया है ।
गरूडा एरोस्पेस से धोनी ने प्रशिक्षण अपने अंदाज मे पूर्ण किया । धोनी का मशीन और टेक्नॉलजी के लिए, लगाव पुराना है । धोनी एक अच्छे बाइक और पुराणे कार के शौकीन है । कभी वो खेत मे ट्रैक्टर चलाते है तो कभी आर्मी के साथ बॉर्डर पर जाते है । वैसे ही धोनी अब आपको ड्रोन चलाते दिखेंगे । धोनी का अब ड्रोन उड़ाने का अंदाज अब उनके fans के लिए एक बेहतरीन तोफा रहने वाला है । जैसे उनका हेलिकॉप्टर शॉट हवा मे दिखता था वैसे ही अब उनका ड्रोन का जलवा दिखेगा ।
ड्रोन पायलट धोनी के लिए,गरुडा के CEO आग्नेश्वर जयप्रकाश ने कहा, धोनी ने पुरी लगन से सफलता प्राप्त कि है। धोनी का पायलट license प्राप्त करना टीम के लिये गर्व का पल है और एक बहुत बडी बात है। धोनी हर जगह अपना सिक्का छोड़ जाते है । ड्रोन पायलट धोनी ने पायलट बनकर देश मे नई मिसाल बना दी । आपको बात दे धोनी हर जगह काम कर रहे है । जैसे की किसान बनकर ट्रैक्टर चलाकर खेती करना, स्टॉक मार्केट मे भी इन्वेस्ट करना, आर्मी मे भी जब वक्त मिल जाता है, तो कैम्प पे चले जाना । धोनी फिल्म जगत मे भी पैसा लगाते है । धोनी का खुद का Home production भी है, जो उनकी धर्मपत्नी साक्षी धोनी सभाल रही है ।
आपको बात दे की माही पहले ही आर्मी मे अपनी जालक छोड़ चुके है । आर्मी मे धोनी के रैंक लेफ्टिनेंट कर्नल है जो की बहोत बड़ी रैंक मई आती है । धोनी ने सिर्फ रैंक ही नहीं ली लेफ्टिनेंट कर्नल धोनी साहब बॉर्डर पर भी अपनी सेवा देने के लिए गए थे । धोनी ने लगबग 2 महीने जवानों के साथ व्यक्त गुजारा ।
जन्म और पुरस्कार
महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 राची झारखंड मे हुआ था । धोनी अबतक के सबसे सफल कप्तान रह चुके है । माही ने आईसीसी के सभी ट्रॉफी अपने टीम के साथ जिताकर देश का नाम पूरे दुनिया मे रोशन किया है । जिसमे 2007 का T20 World Cup और 2011 मे सिक्स मारकर वानखड़े मैदान मे एकदिवसीय World Cup भी शामिल है । धोनी को पद्मश्री, पद्मभूषण और राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार भारत सरकार से मिले है ।
धोनी और गांगुली
महेंद्र सिंह धोनी ने एकदिवसीय आंतराष्ट्रीय करियर की शूरवात बांग्लादेश के खिलाप 23 दिसम्बर 2004 मे किया थी और उस वक्त भारतीय टीम के कप्तान थे सौरव गांगुली । अपने पहिले मैच मे ही धोनी ज़ीरो पे रन आउट हो गए । उनको लगा अब शायद अगले मैच मे उनकी जगह नहीं बन सकती पर दादा ने उन्हे कॉल करके अगले मैच मे आप खेल रहे है , ये बताया था । दूसरे आंतराष्ट्रिय मैच मे धोनी ने पाकिस्तान के खिलाप अपना पहला शतक बना दिया । जब गांगुली का 2008 मे लास्ट मैच था, तब धोनी ने उन्हे आखरी 4 ओवर मे कप्तानी दे कर बड़िया तोफा दिया था । ऊनके cap का नंबर था 158 और उसके बाद वो लगबघ दो दशक उन्होंने भारत के लिए पूरी लगन से क्रिकेट खेलते रहे। धोनी के